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उच्चतम न्यायालय का बड़ा फैसला: इमरान खान को जेल से अस्पताल भेजने का आदेश

पाकिस्तान की राजनीति और न्यायपालिका में 18 अगस्त 2026 को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय (Supreme Court of Pakistan) ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए देश के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।

लंबे समय से जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिवार और कानूनी टीम द्वारा लगातार चिंता जताई जा रही थी। उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के बाद अब उन्हें उचित चिकित्सा जांच और उपचार के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजा जाएगा।


उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुख्य बिंदु

जस्टिस शाहिद वाहीद की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान की स्वास्थ्य संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट के प्रमुख निर्देश निम्नलिखित हैं:


इमरान खान के स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं

इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। हाल के महीनों में उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया था कि खान को आँखों की एक गंभीर बीमारी (सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन) और रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या है। हालांकि जेल प्रशासन ने दावा किया था कि उन्हें जेल के अंदर ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उनके स्वास्थ्य की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें अस्पताल भेजने का निर्णय लिया।


इमरान खान मेडिकल ट्रांसफर केस का विवरण

विषय विवरण / कोर्ट के निर्देश
आदेश जारी करने वाला न्यायालय पाकिस्तान का उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट)
न्यायाधीशों की पीठ जस्टिस शाहिद वाहीद के नेतृत्व में 3 सदस्यीय पीठ
वर्तमान स्थान अदियाला जेल, रावलपिंडी
स्थानांतरण का स्थान शिफा इंटरनेशनल अस्पताल, इस्लामाबाद (निजी अस्पताल)
उपचार का खर्च इमरान खान का परिवार स्वयं वहन करेगा
अगली सुनवाई की तिथि 16 सितंबर 2026

राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था

उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि इमरान खान के अस्पताल में रहने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। अस्पताल के खर्च का भुगतान उनके परिवार द्वारा किया जाएगा। इमरान खान के समर्थकों और उनकी पार्टी पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट के इस मानवीय फैसले का स्वागत किया है।

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